Wednesday, January 23, 2019

USA news on Youtube Jan 24 2019

तुम्हारे दर पर अशरफ

फैज का दरिया उबलता है

तुम्हारा नाम लेने से सुकून इस दिल को मिलता है

कोई कैसा भी हो अशरफ

तुम्हारे दर पर पलता है

और जो तुम चाहो तो वह भी वली बनकर निकलता है

please like & share shukriya bhai

जब अशरफ का दर मिला मुझे तकदीर ही मेरी बदल गई

जिस वक्त कर्म की पड़ी नजर तूफान से कश्ती निकल गई

मखदूम अशरफ का करम है

जब अशरफ का दर मिला मुझे तकदीर ही मेरी बदल गई

जिस वक्त कर्म की पड़ी नजर तूफान से कश्ती निकल गई

मखदूम अशरफ का करम है

मुझे इश्क हकीकी अता किया

कतरे से दरिया बना दिया

मुझे इश्क हकीकी अता किया कतरे से दरिया बना दिया

बलीहारी में अपने अशरफ के

मुझे ला इलाहा से मिला दिया

मखदूम अशरफ का करम है ये

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